बक्सवाहा प्राचीन शनि धाम | प्राचीन ऐतिहासिक बावड़ी #बक्सवाहा
नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका दैनिक समीक्षा वेबसाइट में , और हम आपको छतरपुर जिले के सबसे बड़े धनाढ्य नगर बक्सवाहा के सभी ऐतिहासिक , धार्मिक तथा आर्थिक परिस्थितियों से रूबरू करा रहे है ।
हम भारत की सभी ऐतिहासिक , सांस्कृतिक , कलात्मक वस्तुएं , स्थलों की उचित जानकारी उसके वैज्ञानिक , मान्यताओं , किताबो एवम् ऐतिहासिक वस्तुओ के सुनिश्चित निरीक्षण के बाद प्राप्त करते है ।
इसी क्रम में हम आज आपको बक्सवाहा नगर के सबसे प्राचीनतम स्थल से रूबरू कराएंगे ।
बक्सवाहा में कई ऐसे पुरातन स्थल है जिनकी अपनी ऐतिहासिक मान्यता है ।
आज हम बक्सवाहा के प्राचीन शनि मंदिर के बारे में बताएंगे , यूं तो बक्सवाहा में कई प्रमुख मंदिर है परन्तु आज हम बक्सवाहा से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 34 पर सैकड़ो वर्षो से स्थित शनि धाम के बारे में जानेंगे । यह प्राचीन शनि मंदिर नगर समेत आस - पास के क्षेत्रों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है ।
शनि मंदिर पिछले 300 वर्षो से यहां स्थित है ।
:- ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार बुंदेलखंड में महराजा छत्रसाल का राज्य हुआ करता था | महाराजा छत्रसाल अपनी वीरता , और प्रजहितैयी शाशक के रूप में जाना जाते थे |
महाराजा छत्रसाल का संपूर्ण बुंदेलखंड पर राज्य हुआ करता था उस समय उनकी राजधानी पन्ना थी । इस बुंदेलखंड राज्य में वर्तमान छतरपुर , पन्ना , टीकमगढ़ , दमोह , तथा सागर के कुछ हिस्से आया करते थे ।
महाराजा छत्रसाल ने अपने राज्य की प्रजा के लिए जल स्रोतों की उपलब्धता के लिए प्रत्येक ग्रामीण स्तर पर कई बावड़ी , बैहर ( सीढ़ी दार कूप ) बनवाए थे ताकि प्रजा की पेय जल हेतु पानी आवश्यकता पूर्ण हो सके ।
इसी क्रम में वर्तमान के नगर बक्सवाहा , बिजावर , छतरपुर में महाराजा ने कई बावड़ी का निर्माण करवाया था जो कि तत्कालीन जल के विशाल भंडार थे ।
बक्सवाहा के इसी 300 वर्ष पुराने शनि धाम में जहां पुरातन समय से ही ग्रामीण शनि महाराज की पूजा अर्चना करते आ रहे है इसी में बावड़ी का निर्माण करवाया गया था जो की वर्तमान में भी मौजूद है ।
बक्सवाहा के शनि मंदिर का पता :-
यह बक्सवाहा का प्राचीन शनि मंदिर बक्सवाहा से गुजरने वाले दमोह - छतरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगा हुआ है ।
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बक्सवाहा मंदिर