बिल्कुल — नीचे मैंने फोटो में दिए हुए तीनों प्रश्नों के विस्तृत, चरण-वार प्रयोगात्मक समाधान (हिंदी में) दिए हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए आवश्यक उद्देश्य, साधन-सामग्री, परीक्षण प्रक्रिया, परिकल्पना/परिणाम की गणना, प्रश्नोतरी (viva) और सुरक्षा/सावधानियाँ शामिल की हैं ताकि आप प्रयोगशाला में सही तरीके से कर सकें और लिखित उत्तर भी दे सकें।
Q.1 डी सी मशीन के टर्मिनलों की पहचान करना एवं उनका परीक्षण करना (30 अंक)
उद्देश्य
डीसी मशीन (जनरेटर/मोटर) के बाहरी टर्मिनल (आर्मेचर, फ़ील्ड, शंट/सीरिज कनेक्शन, कम्यूटेटर टर्मिनल आदि) की पहचान करना और प्रत्येक टर्मिनल का विद्युत् परीक्षण कर यह पुष्टि करना कि मशीन सही अवस्था में है या नहीं।
उपकरण व सामग्री
डिजिटल मल्टीमीटर (DMM) / पर्सनल मीटर
ब्रिज/ओम मीटर (रोध मापने के लिए)
पॉवर सप्लाई (0–250 V DC) यदि आवश्यक हो
क्लिपिंग/लीड वायर, स्क्रूड्राइवर, रिंच/स्पैनर
क्लीनिंग ब्रश, कॉम्यूटेटर क्लीनर (यदि आवश्यक)
पूर्व तैयारी
1. मशीन को विद्युत आपूर्ति से पूर्णतः डिस्कनेक्ट रखें।
2. बाहरी कवर/कनैक्शन पैनल खोलें ताकि टर्मिनल दिखाई दें।
3. सुनिश्चित करें कि कोई शॉर्ट या ढीला कनेक्शन न हो।
टर्मिनल की पहचान — चरण-दर-चरण
1. दिखावटी निरीक्षण: टर्मिनल चिन्ह (A, F, +, −, Sh, Se आदि) देखें।
2. रंग/लेबल: अक्सर फ़ील्ड तार व आर्मेचर तार अलग रंग/लेबल होते हैं — नोट कर लें।
3. रिसिस्टिविटी टेस्ट (ohm):
मल्टीमीटर को ओम मोड पर रखें।
आर्मेचर टर्मिनल के बीच (यदि अलग-अलग टेप/टर्मिनल) मेज़र करें — व्युत्पन्न (armature winding) का परिमाण अपेक्षाकृत छोटा होगा (कई ohm से कम हो सकता है)।
फ़ील्ड (शंट) कॉइल के रेजिस्टेंस को मापें — शंट फील्ड का प्रतिरोध अधिक (आम तौर पर कुछ ओम से लेकर कई ओह्म) और सीरिज फील्ड का प्रतिरोध बहुत कम।
कम्यूटेटर के साथ ब्रश टर्मिनल (यदि खुले) के बीच संपर्क जाँचें।
4. कंटिन्युइटी टेस्ट: ब्रश से आर्मेचर तक continuity जाँचें — यदि ओपन सर्किट दिखाई दे, तो तार कट/ढीला हो सकता है।
5. शॉर्ट-सर्किट/इन्सुलेशन: आर्मेचर व शंट/फील्ड के बीच इन्सुलेशन जाँचें (मेग्गर यदि उपलब्ध हो)।
6. कम्यूटेटर का निरीक्षण: कम्यूटेटर के खिड़की (segments) पर क्रैक/अनियमितता देखें; ब्रश की स्थिति/खपत नोट करें।
प्रयोगात्मक रिपोर्ट में लिखने योग्य बातें
अवलोकन तालिका: टर्मिनल नाम, मापी गई रेजिस्टेंस, टिप्पणियाँ (ठीक/ढीला/खराब)।
समस्या दिखने पर त्वरित समाधान नोट: (ब्रश क्लीनिंग, स्क्रू टाइटनिंग, तार रिपेयर)।
सावधानियाँ
मशीन बंद और डिस्कनेक्टेड रखें।
माप के दौरान मल्टीमीटर के रेंज का ध्यान रखें।
मेग्गर उपयोग करते समय निर्देशों का पालन करें।
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Q.2 लोड पर डी सी शंट जनरेटर के प्रदर्शन (performance) का निर्धारण (40 अंक)
> सामान्यतः इसका आशय है: लाइव लोड पर जनरेटर के वोल्टेज-करंट वक्र (external characteristic), दक्षता (efficiency) और आंतरिक गिरावट/लॉस का निर्धारण। नीचे विस्तृत प्रयोग है।
उद्देश्य
डी.सी. शंट जनरेटर की:
1. ओपन-सर्किट वोल्टेज (no-load e.m.f.) और वोल्टेज-वर्तमान (V–I) बाह्य विशेषता (external characteristic) रिकॉर्ड करना।
2. भार पर जनरेटर की आउटपुट पावर, आर्मेचर तथा फ़ील्ड करंट मापकर दक्षता निकालना।
3. लॉस (कपर लॉस, आयरन/लॉस, मेकेनिकल) का आकलन/प्रक्रिया बताना।
उपकरण व सामग्री
डी.सी. शंट जनरेटर (कम्प्लीट सेटअप)
लोड बैंक (रोग/R variable) या रेजिस्टिव लोड बॉक्स
डिजिटल वोल्टमीटर (0–300 V DC), क्लैम्प/मीटर (आर्मेचर करंट), एम्मीटर, वॉटमीटर (यदि उपलब्ध)
स्टॉपवॉच, नोटबुक, कनेक्शन वायर
पावर सप्लाई (एक्साइटेशन के लिए, पर शंट फील्ड आमतौर पर जनरेटर के आउटपुट से ही excite होता है)
सिद्धांत (संक्षेप)
शंट जनरेटर में फ़ील्ड वाइंडिंग जिसे शंट से जोड़ा जाता है, वह स्वयं जनरेट की हुई वोल्टेज से चालू रहती है।
जब लोड जुड़ता है, टर्मिनल वोल्टेज में गिरावट आती है (बाहरी वक्र हमें दिखाएगा)।
आउटपुट पावर = Vt × ILoad (वर्तमान मैजरमेंट load करंट)।
कुल इनपुट (आर्मेचर से) = आउटपुट + समस्त लॉस।
लॉस: आर्मेचर copper loss = Ia²Ra; field copper loss = If²Rf; core + mechanical losses = अनुमान/नो-लोड टेस्ट से निकाले जाते हैं।
प्रयोगात्मक प्रक्रिया (चरण-दर-चरण)
1. प्रारंभिक सेटअप: जनरेटर को शंट फील्ड से कनेक्ट करें; वोल्टमीटर टर्मिनल पर लगाएं; एक एम्मीटर आर्मेचर लाइन में तथा एक एम्मीटर लोड लाइन में रखें (या क्लैम्प मीटर).
2. नो-लोड वोल्टेज: जनरेटर को चलाकर धीरे-धीरे स्पीड स्थिर रखें (यदि मोटर ड्राइव है) — नो-लोड टर्मिनल वोल्टेज V0 रिकॉर्ड करें, व फ़ील्ड करंट If0 रिकॉर्ड करें। (यह core losses आकलन में मदद करेगा)।
3. लोड बढ़ाते जाना: रेजिस्टिव लोड को चरण-दर-चरण घटाकर लोड करंट IL को बढ़ाएँ — हर कदम पर निम्न रिकॉर्ड करें:
टर्मिनल वोल्टेज Vt
लोड करंट IL
आर्मेचर करंट Ia (यदि Ia अलग से मापा जा रहा है; डीसी जनरेटर में Ia ≈ IL + If)
फ़ील्ड करंट If (लगभग स्थिर शंट)
रोटेशन स्पीड (यदि बदलती है तो नोट करें)
4. डेटा प्वाइंट्स: कम से कम 6–8 डाटा पॉइंट्स लें — हल्का लोड से लेकर अधिकतम अनुमोदित लोड तक।
5. विशेष माप: वोल्टेज-करंट वक्र (V vs IL) बनाएं।
6. लॉस की गणना:
आर्मेचर कपर लॉस = Ia² × Ra (Ra ज्ञात होना चाहिए या मापें)।
फ़ील्ड कपर लॉस = If² × Rf.
कोर और मेकॅनिकल लॉस: नो-लोड टेस्ट में जनरेटर पर शक्ति जिसे आप input supply से देते हैं और आउटपुट शून्य के समय लॉस के बराबर होती है — यदि मापा जा सकता है तो प्रयोग से निकाला जा सकता है; अन्यथा प्रयोगशाला में मानक मान/अनुमान लें।
7. दक्षता: प्रत्येक डाटा सेट के लिए,
Pout = Vt × IL.
Pin = Pout + कुल लॉस.
Efficiency η = (Pout / Pin) × 100%.
रिपोर्ट लिखने का प्रारूप
तालिका: प्रत्येक स्टेप के लिए Vt, IL, Ia, If, Pout, Ia²Ra, If²Rf, कुल लॉस, Pin, η (%)।
ग्राफ: (1) Vt vs IL (external characteristic), (2) Efficiency η vs IL (यदि संभव)।
विश्लेषण: वोल्टेज ड्रॉप के कारणों का वर्णन — आर्मेचर रिएक्शन, आर्मेचर कपर लॉस, ब्रश/कम्यूटेटर वॉली।
वैव प्रश्न (Viva) – संभावित
आर्मेचर रिएक्शन क्या है? कैसे वोल्टेज पर इसका असर पड़ता है?
आर्मेचर कपर लॉस का सूत्र लिखिए।
शंट जनरेटर की रेगुलेशन कैसे निकाली जाती है? (Regulation % = (No-load V −
बिल्कुल — नीचे मैंने फोटो में दिए हुए तीनों प्रश्नों के विस्तृत, चरण-वार प्रयोगात्मक समाधान (हिंदी में) दिए हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए आवश्यक उद्देश्य, साधन-सामग्री, परीक्षण प्रक्रिया, परिकल्पना/परिणाम की गणना, प्रश्नोतरी (viva) और सुरक्षा/सावधानियाँ शामिल की हैं ताकि आप प्रयोगशाला में सही तरीके से कर सकें और लिखित उत्तर भी दे सकें।
Q.1 डी सी मशीन के टर्मिनलों की पहचान करना एवं उनका परीक्षण करना (30 अंक)
उद्देश्य
डीसी मशीन (जनरेटर/मोटर) के बाहरी टर्मिनल (आर्मेचर, फ़ील्ड, शंट/सीरिज कनेक्शन, कम्यूटेटर टर्मिनल आदि) की पहचान करना और प्रत्येक टर्मिनल का विद्युत् परीक्षण कर यह पुष्टि करना कि मशीन सही अवस्था में है या नहीं।
उपकरण व सामग्री
- डिजिटल मल्टीमीटर (DMM) / पर्सनल मीटर
- ब्रिज/ओम मीटर (रोध मापने के लिए)
- पॉवर सप्लाई (0–250 V DC) यदि आवश्यक हो
- क्लिपिंग/लीड वायर, स्क्रूड्राइवर, रिंच/स्पैनर
- क्लीनिंग ब्रश, कॉम्यूटेटर क्लीनर (यदि आवश्यक)
पूर्व तैयारी
- मशीन को विद्युत आपूर्ति से पूर्णतः डिस्कनेक्ट रखें।
- बाहरी कवर/कनैक्शन पैनल खोलें ताकि टर्मिनल दिखाई दें।
- सुनिश्चित करें कि कोई शॉर्ट या ढीला कनेक्शन न हो।
टर्मिनल की पहचान — चरण-दर-चरण
- दिखावटी निरीक्षण: टर्मिनल चिन्ह (A, F, +, −, Sh, Se आदि) देखें।
- रंग/लेबल: अक्सर फ़ील्ड तार व आर्मेचर तार अलग रंग/लेबल होते हैं — नोट कर लें।
- रिसिस्टिविटी टेस्ट (ohm):
- मल्टीमीटर को ओम मोड पर रखें।
- आर्मेचर टर्मिनल के बीच (यदि अलग-अलग टेप/टर्मिनल) मेज़र करें — व्युत्पन्न (armature winding) का परिमाण अपेक्षाकृत छोटा होगा (कई ohm से कम हो सकता है)।
- फ़ील्ड (शंट) कॉइल के रेजिस्टेंस को मापें — शंट फील्ड का प्रतिरोध अधिक (आम तौर पर कुछ ओम से लेकर कई ओह्म) और सीरिज फील्ड का प्रतिरोध बहुत कम।
- कम्यूटेटर के साथ ब्रश टर्मिनल (यदि खुले) के बीच संपर्क जाँचें।
- कंटिन्युइटी टेस्ट: ब्रश से आर्मेचर तक continuity जाँचें — यदि ओपन सर्किट दिखाई दे, तो तार कट/ढीला हो सकता है।
- शॉर्ट-सर्किट/इन्सुलेशन: आर्मेचर व शंट/फील्ड के बीच इन्सुलेशन जाँचें (मेग्गर यदि उपलब्ध हो)।
- कम्यूटेटर का निरीक्षण: कम्यूटेटर के खिड़की (segments) पर क्रैक/अनियमितता देखें; ब्रश की स्थिति/खपत नोट करें।
प्रयोगात्मक रिपोर्ट में लिखने योग्य बातें
- अवलोकन तालिका: टर्मिनल नाम, मापी गई रेजिस्टेंस, टिप्पणियाँ (ठीक/ढीला/खराब)।
- समस्या दिखने पर त्वरित समाधान नोट: (ब्रश क्लीनिंग, स्क्रू टाइटनिंग, तार रिपेयर)।
सावधानियाँ
- मशीन बंद और डिस्कनेक्टेड रखें।
- माप के दौरान मल्टीमीटर के रेंज का ध्यान रखें।
- मेग्गर उपयोग करते समय निर्देशों का पालन करें।
Q.2 लोड पर डी सी शंट जनरेटर के प्रदर्शन (performance) का निर्धारण (40 अंक)
सामान्यतः इसका आशय है: लाइव लोड पर जनरेटर के वोल्टेज-करंट वक्र (external characteristic), दक्षता (efficiency) और आंतरिक गिरावट/लॉस का निर्धारण। नीचे विस्तृत प्रयोग है।
उद्देश्य
डी.सी. शंट जनरेटर की:
- ओपन-सर्किट वोल्टेज (no-load e.m.f.) और वोल्टेज-वर्तमान (V–I) बाह्य विशेषता (external characteristic) रिकॉर्ड करना।
- भार पर जनरेटर की आउटपुट पावर, आर्मेचर तथा फ़ील्ड करंट मापकर दक्षता निकालना।
- लॉस (कपर लॉस, आयरन/लॉस, मेकेनिकल) का आकलन/प्रक्रिया बताना।
उपकरण व सामग्री
- डी.सी. शंट जनरेटर (कम्प्लीट सेटअप)
- लोड बैंक (रोग/R variable) या रेजिस्टिव लोड बॉक्स
- डिजिटल वोल्टमीटर (0–300 V DC), क्लैम्प/मीटर (आर्मेचर करंट), एम्मीटर, वॉटमीटर (यदि उपलब्ध)
- स्टॉपवॉच, नोटबुक, कनेक्शन वायर
- पावर सप्लाई (एक्साइटेशन के लिए, पर शंट फील्ड आमतौर पर जनरेटर के आउटपुट से ही excite होता है)
सिद्धांत (संक्षेप)
- शंट जनरेटर में फ़ील्ड वाइंडिंग जिसे शंट से जोड़ा जाता है, वह स्वयं जनरेट की हुई वोल्टेज से चालू रहती है।
- जब लोड जुड़ता है, टर्मिनल वोल्टेज में गिरावट आती है (बाहरी वक्र हमें दिखाएगा)।
- आउटपुट पावर = Vt × ILoad (वर्तमान मैजरमेंट load करंट)।
- कुल इनपुट (आर्मेचर से) = आउटपुट + समस्त लॉस।
- लॉस: आर्मेचर copper loss = Ia²Ra; field copper loss = If²Rf; core + mechanical losses = अनुमान/नो-लोड टेस्ट से निकाले जाते हैं।
प्रयोगात्मक प्रक्रिया (चरण-दर-चरण)
- प्रारंभिक सेटअप: जनरेटर को शंट फील्ड से कनेक्ट करें; वोल्टमीटर टर्मिनल पर लगाएं; एक एम्मीटर आर्मेचर लाइन में तथा एक एम्मीटर लोड लाइन में रखें (या क्लैम्प मीटर).
- नो-लोड वोल्टेज: जनरेटर को चलाकर धीरे-धीरे स्पीड स्थिर रखें (यदि मोटर ड्राइव है) — नो-लोड टर्मिनल वोल्टेज V0 रिकॉर्ड करें, व फ़ील्ड करंट If0 रिकॉर्ड करें। (यह core losses आकलन में मदद करेगा)।
- लोड बढ़ाते जाना: रेजिस्टिव लोड को चरण-दर-चरण घटाकर लोड करंट IL को बढ़ाएँ — हर कदम पर निम्न रिकॉर्ड करें:
- टर्मिनल वोल्टेज Vt
- लोड करंट IL
- आर्मेचर करंट Ia (यदि Ia अलग से मापा जा रहा है; डीसी जनरेटर में Ia ≈ IL + If)
- फ़ील्ड करंट If (लगभग स्थिर शंट)
- रोटेशन स्पीड (यदि बदलती है तो नोट करें)
- डेटा प्वाइंट्स: कम से कम 6–8 डाटा पॉइंट्स लें — हल्का लोड से लेकर अधिकतम अनुमोदित लोड तक।
- विशेष माप: वोल्टेज-करंट वक्र (V vs IL) बनाएं।
- लॉस की गणना:
- आर्मेचर कपर लॉस = Ia² × Ra (Ra ज्ञात होना चाहिए या मापें)।
- फ़ील्ड कपर लॉस = If² × Rf.
- कोर और मेकॅनिकल लॉस: नो-लोड टेस्ट में जनरेटर पर शक्ति जिसे आप input supply से देते हैं और आउटपुट शून्य के समय लॉस के बराबर होती है — यदि मापा जा सकता है तो प्रयोग से निकाला जा सकता है; अन्यथा प्रयोगशाला में मानक मान/अनुमान लें।
- दक्षता: प्रत्येक डाटा सेट के लिए,
- Pout = Vt × IL.
- Pin = Pout + कुल लॉस.
- Efficiency η = (Pout / Pin) × 100%.
रिपोर्ट लिखने का प्रारूप
- तालिका: प्रत्येक स्टेप के लिए Vt, IL, Ia, If, Pout, Ia²Ra, If²Rf, कुल लॉस, Pin, η (%)।
- ग्राफ: (1) Vt vs IL (external characteristic), (2) Efficiency η vs IL (यदि संभव)।
- विश्लेषण: वोल्टेज ड्रॉप के कारणों का वर्णन — आर्मेचर रिएक्शन, आर्मेचर कपर लॉस, ब्रश/कम्यूटेटर वॉली।
वैव प्रश्न (Viva) – संभावित
- आर्मेचर रिएक्शन क्या है? कैसे वोल्टेज पर इसका असर पड़ता है?
- आर्मेचर कपर लॉस का सूत्र लिखिए।
- शंट जनरेटर की रेगुलेशन कैसे निकाली जाती है? (Regulation % = (No-load V −