भारत में लोक नृत्यों का विस्तृत विवरण नाट्यशास्त्र में मिलता हैं।
नाट्यशास्त्र के रचयिता भारत मुनि हैं।
नाट्यशास्त्र को पंचम वेद की संज्ञा दी गई है।
भारत में 8 शास्त्रीय नृत्य है जो निम्न प्रकार हैं-
1. भरतनाट्यम -तमिलनाडू
2. मोहिनीअट्टम - केरल
3. कथक -उत्तर प्रदेश
4. ओडिशी - ओडिशा
5. मणिपुरी -मणिपुर
6.सत्रीया - असम
7. कथकली - केरल
8. कुचिपुड़ी - आंध्रप्रदेश
#सत्रीया को वर्ष 2000 में शास्त्रीय नृत्यों में शामिल किया गया हैं।
#सत्रीया को शास्त्रीय नृत्य में शामिल करने के लिए श्रीमंता शंकरदेव ने प्रयास किया था।
# सत्रीया के फाउंडर श्रीमंता शंकरदेव कहलाते हैं।
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यामिनी कृष्णमूर्ति
सोनल मान सिंह
रुकमणि देवी अरंडल
लीला सैमसन
मृणालिनी साराभाई
वैजयंतीमाला
कोमल बर्धन
टी बाल सरस्वती पदमा सुब्रमण्यम
एस के सरोज
रामगोपाल
प्रियदर्शिनी गोबिंद
मालविका सरकार
एस के सरोजा
अल्लारेमल वेल्ली
सी वी चंद्रशेखर
शांता
वी पी धनंजयन
मीनाक्षी श्रीनिवासन
आर मुद्धुकुनुम्मल
गीता चंद्रन
आनंद शंकर जयंत
# रुकमणि देवी अरंडल पहली महिला नर्तकी है जिसे राज्यसभा का सदस्य नामित किया गया था।
#भरतनाट्यम मंदिरों को समर्पित शास्त्रीय नृत्य है।